बाइबल में परमात्मा का ज्ञान।
पवित्र बाईबल ने भी स्पष्ट किया है की प्रभु का नाम कबीर है।पवित्र बाइबिल अय्यूब 36: 5 के अनुसार पूर्ण परमात्मा अय्यूब 36:5 और्थोडौक्स यहूदी बाइबल
परमेश्वर कबीर शक्तिशाली है, किन्तु वह लोगों से घृणा नहीं करता है। परमेश्वर कबीर समर्थ है और विवेकपूर्ण है। पूर्ण परमात्मा जन्म मृत्यु से परे है, वह न तो माँ के गर्भ से जन्म लेता न ही उसकी मृत्यु होती है। ईसा मसीह जैसी पवित्र आत्मा की भी दर्दनाक मृत्यु हुई। फिर आम इंसान का कैसे बचाव हो सकता है। केवल पूर्ण परमात्मा कबीर जी ही अवविनाशी हैं, मोक्षदायक प्रभु हैं।
पवित्र बाईबल उत्पत्ति ग्रन्थ पृष्ठ नं. 2 पर, अ. 1:20 - 2:5 पर छटवां दिन प्राणी और मनुष्य अन्य प्राणियों की रचना करके
फिर परमेश्वर ने कहा, हम मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में बनाएंगे जो सर्व प्राणियों को काबू रखेगा।तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, नर और नारी करके मनुष्यों की सृष्टी की। प्रभु ने मनुष्यों के खाने के लिए जितने बीज वाले छोटे पेड़ तथा जितने पेड़ों में बीज वाले फल होते हैं वे भोजन के लिए प्रदान किए हैं, माँस खाना नहीं कहा है। परमेश्वर ने छः दिन में सर्व सृष्टी की उत्पत्ति की तथा सातवें दिन विश्राम किया। पवित्र बाईबल ने सिद्ध कर दिया कि परमात्मा मानव सदृश शरीर में है, जिसने छः दिन में सर्व सृष्टी की रचना की तथा फिर विश्राम किया। पूर्ण परमात्मा ही भक्ति की आस्था बनाए रखने के लिए स्वयं प्रकट होता है। पूर्ण परमात्मा ने ही ईसा जी की मृत्यु के पश्चात् ईसा जी का रूप धारण करके प्रकट होकर ईसाईयों के विश्वास को प्रभु भक्ति पर दृढ़ रखा
पवित्र बाईबल के उत्पत्ति ग्रंथ पृष्ठ 1 से 3 में लिखा है कि परमेश्वर ने 6 दिन में सृष्टि की सातवें दिन सिंहासन पर विराजमान हो गए। फिर आगे बाईबल में काल का जाल शुरू हो गया और सबको काल ने अपने जाल में फंसाने के लिए परमेश्वर के ज्ञान में मिलावट कर दी।
पवित्र बाईबल में यहोवा प्रभु ने उत्पति अध्याय 3:22 तथा 17:1 तथा 18:1 16 से 23 में कहा मनुष्य भले-बुरे का ज्ञान पाकर हम में से एक के समान हो गया है। इसलिए ऐसा न हो कि यह जीवन के वृक्ष वाला फल भी तोड़ कर खा ले और सदा जीवित रहे। उत्पति ग्रन्थ के अध्याय 17 श्लोक 1 में कहा है कि जब अब्राम निन्यानवे वर्ष का हो गया तब यहोवा ने उसको दर्शन दे कर कहा ‘‘मैं सर्वशक्तिमान हुँ। मेरी उपस्थिति में चल और सिद्ध होता जा’’ फिर उत्पति ग्रन्थ के अध्याय 18 श्लोक 1 से 10 तथा अध्याय 19 श्लोक 1 से 25 में तीन प्रभुओं का प्रमाण है। आदम जी का प्रभु कह रहा है कि आदम को भले बुरे का ज्ञान होने से हम में से एक के समान हो गया है। इससे सिद्ध हुआ कि ऐसे प्रभु और भी हैं जब कि इसाई धर्म के श्रद्धालु कहते है परमात्मा एक है तथा यह भी प्रमाणित हुआ कि परमात्मा साकार है मनुष्य जैसा है।
बाईबल में यूहन्ना ग्रन्थ अध्याय 16 श्लोक 4 से 15 में प्रमाण है काल भक्ति की कमाई वाले भक्तो को नबी बनाकर भेजता है और उन्हीं भक्तो की कमाई से चमत्कार करवाता रहता है जब उनकी कमाई खत्म हो जाती है उनको मरने के लिए छोड़ देता है। जैसी ईसा जी की मृत्यु हुई। लेकिन परमेश्वर ने भक्ति बनाए रखने के लिए 3 दिन बाद ईसा जी के रूप में आए ओर ईसाई धर्म के लोगो को दृढ़ किया।
परमेश्वर कबीर शक्तिशाली है, किन्तु वह लोगों से घृणा नहीं करता है। परमेश्वर कबीर समर्थ है और विवेकपूर्ण है। पूर्ण परमात्मा जन्म मृत्यु से परे है, वह न तो माँ के गर्भ से जन्म लेता न ही उसकी मृत्यु होती है। ईसा मसीह जैसी पवित्र आत्मा की भी दर्दनाक मृत्यु हुई। फिर आम इंसान का कैसे बचाव हो सकता है। केवल पूर्ण परमात्मा कबीर जी ही अवविनाशी हैं, मोक्षदायक प्रभु हैं।
पवित्र बाईबल उत्पत्ति ग्रन्थ पृष्ठ नं. 2 पर, अ. 1:20 - 2:5 पर छटवां दिन प्राणी और मनुष्य अन्य प्राणियों की रचना करके
फिर परमेश्वर ने कहा, हम मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में बनाएंगे जो सर्व प्राणियों को काबू रखेगा।तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, नर और नारी करके मनुष्यों की सृष्टी की। प्रभु ने मनुष्यों के खाने के लिए जितने बीज वाले छोटे पेड़ तथा जितने पेड़ों में बीज वाले फल होते हैं वे भोजन के लिए प्रदान किए हैं, माँस खाना नहीं कहा है। परमेश्वर ने छः दिन में सर्व सृष्टी की उत्पत्ति की तथा सातवें दिन विश्राम किया। पवित्र बाईबल ने सिद्ध कर दिया कि परमात्मा मानव सदृश शरीर में है, जिसने छः दिन में सर्व सृष्टी की रचना की तथा फिर विश्राम किया। पूर्ण परमात्मा ही भक्ति की आस्था बनाए रखने के लिए स्वयं प्रकट होता है। पूर्ण परमात्मा ने ही ईसा जी की मृत्यु के पश्चात् ईसा जी का रूप धारण करके प्रकट होकर ईसाईयों के विश्वास को प्रभु भक्ति पर दृढ़ रखा
| बाईबल का ज्ञान |
पवित्र बाईबल के उत्पत्ति ग्रंथ पृष्ठ 1 से 3 में लिखा है कि परमेश्वर ने 6 दिन में सृष्टि की सातवें दिन सिंहासन पर विराजमान हो गए। फिर आगे बाईबल में काल का जाल शुरू हो गया और सबको काल ने अपने जाल में फंसाने के लिए परमेश्वर के ज्ञान में मिलावट कर दी।
पवित्र बाईबल में यहोवा प्रभु ने उत्पति अध्याय 3:22 तथा 17:1 तथा 18:1 16 से 23 में कहा मनुष्य भले-बुरे का ज्ञान पाकर हम में से एक के समान हो गया है। इसलिए ऐसा न हो कि यह जीवन के वृक्ष वाला फल भी तोड़ कर खा ले और सदा जीवित रहे। उत्पति ग्रन्थ के अध्याय 17 श्लोक 1 में कहा है कि जब अब्राम निन्यानवे वर्ष का हो गया तब यहोवा ने उसको दर्शन दे कर कहा ‘‘मैं सर्वशक्तिमान हुँ। मेरी उपस्थिति में चल और सिद्ध होता जा’’ फिर उत्पति ग्रन्थ के अध्याय 18 श्लोक 1 से 10 तथा अध्याय 19 श्लोक 1 से 25 में तीन प्रभुओं का प्रमाण है। आदम जी का प्रभु कह रहा है कि आदम को भले बुरे का ज्ञान होने से हम में से एक के समान हो गया है। इससे सिद्ध हुआ कि ऐसे प्रभु और भी हैं जब कि इसाई धर्म के श्रद्धालु कहते है परमात्मा एक है तथा यह भी प्रमाणित हुआ कि परमात्मा साकार है मनुष्य जैसा है।
बाईबल में यूहन्ना ग्रन्थ अध्याय 16 श्लोक 4 से 15 में प्रमाण है काल भक्ति की कमाई वाले भक्तो को नबी बनाकर भेजता है और उन्हीं भक्तो की कमाई से चमत्कार करवाता रहता है जब उनकी कमाई खत्म हो जाती है उनको मरने के लिए छोड़ देता है। जैसी ईसा जी की मृत्यु हुई। लेकिन परमेश्वर ने भक्ति बनाए रखने के लिए 3 दिन बाद ईसा जी के रूप में आए ओर ईसाई धर्म के लोगो को दृढ़ किया।

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