सच्चा भगवान कौन?

मनुष्य जीवन अपने को पूर्ण परमात्मा की खोज करके उसकी सत भक्ति करके और मोक्ष प्राप्ति के लिए मिला है लेकिन वर्तमान समय में हमको पूर्ण संत ना मिलने के कारण मानव समाज मनुष्य जीवन ऐसे ही व्यर्थ जा रहा है।पूर्ण संत न मिलने के कारण हम शास्त्र अनुकूल भक्ति नहीं कर पाते। जिस कारण से हम शास्त्र विरुद्ध साधना करके अपना मानव जीवन व्यर्थ करके भगवान के दरबार में खाली हाथ चले जाते हैं। जब हम मा के गर्भ में रहते हैं तब हमें भक्ति की चेतना बनी रहती हैं। लेकिन जैसे ही मां के गर्भ से बाहर आते ही तीन गुणों के प्रभाव से इसी संसार संपत्ति में उलझ जाते हैं।और अगर हम भक्ति भी करते हैं तो वह भी नकली जो कि शास्त्रों में प्रमाण नहीं होता।

पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब है। इसका प्रमाण हमारे धर्म के  ग्रंथ बताते हैं। वर्तमान में नकली धर्मगुरुओं के चक्कर में भोली जनता है गुमराह हो रही हैं। क्योंकि वे शास्त्र प्रमाणित ज्ञान नहीं बताते। उनके खुद को भी यह ज्ञान नहीं कि वास्तविक परमात्मा की भक्ति कैसी हैं।तत्वदर्शी संत ना मिलने के कारण हमें शास्त्रों का ज्ञान नहीं होता।वर्तमान में नकली धर्मगुरुओं के द्वारा बताई गई भक्ति साधना जैसे मूर्ति पूजा करना, तीर्थ और व्रत, करना। यह सब क्रियाएं नकली धर्मगुरुओं के द्वारा भोली जनता को गुमराह करने के लिए अपनाई गई हैं। वास्तव में इस प्रकार की साधना करने का हमारे शास्त्र भी खंडन करते हैं।
पूर्ण परमात्मा की जानकारी तत्वदर्शी संत ही बता सकते हैं।
क्योंकि तत्वदर्शी संत या तो खुद परमात्मा होते हैं या उस परमात्मा के कृपा पात्र संत होते हैं जो परमात्मा की वास्तविक भक्ति विधि बताते हैं।वर्तमान समय में संत रामपाल जी महाराज पूर्ण तत्वदर्शी संत हैं हमारे सभी धर्म ग्रंथों के अनुसार भक्ति साधना बताते हैं। इनके द्वारा भक्ति साधना ग्रहण करके हम जन्म मरण रूपी दीर्घ रोग से छुटकारा पा सकते हैं ।
संत रामपाल जी महाराज के लाखों अनुयाई जो सत भक्ति करके पूर्ण परमात्मा की जानकारी सही मिल जाने  के कारण व शास्त्र अनुकूल भक्ति मिलने के कारण सुखी भी हो रहे हैं और मोक्ष की प्राप्ति भी करेंगे।

शास्त्र अनुकूल भक्ति करने के लिए आज जरूर देखें प्रतिदिन साधना टीवी शाम 7:30 से 8:30।


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